बिलासपुर छत्तीसगढ़। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (GGDU) बिलासपुर में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और युवाओं की भागीदारी को केंद्र में रखते हुए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ताओं ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्किलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है।
सम्मेलन में भाग लेने का अवसर मिलने पर वक्ताओं ने इसे अपने लिए सम्मान और गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए युवाओं को नई तकनीकों, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ना जरूरी है। यदि युवाओं को सही दिशा और प्रशिक्षण दिया जाए तो वे न केवल अपने लिए बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा और कौशल से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब महिलाएं सशक्त होंगी तो परिवार, समाज और देश भी मजबूत होगा।
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इससे युवाओं की प्रतिभा को सही मंच मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में सहभागी बनेंगे।
कार्यक्रम में शिक्षाविद, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि कौशल विकास को बढ़ावा देकर महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाया जाएगा, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार किया जा सके।

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