कोरिया बिलासपुर । माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने जिला शिक्षा अधिकारी एमसीबी (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) द्वारा की गई कथित मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत जारी आदेश को निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से विकासखंड खड़गवां की 33 ग्राम पंचायतों को कोरिया जिले का हिस्सा मानते हुए शिक्षकों को बड़ी राहत प्रदान की है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी बैकुंठपुर, जिला कोरिया को 21 दिनों के भीतर शिक्षकों के संबंध में नवीन आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रकरण की पृष्ठभूमि में बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2024 में राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर विकासखंड खड़गवां की 33 ग्राम पंचायतों को प्रशासनिक रूप से कोरिया जिले में सम्मिलित किया गया था। शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों ने इन पंचायतों का प्रभार कलेक्टर कोरिया को सौंप दिया, किंतु शिक्षा विभाग द्वारा तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी एमसीबी ने आदेश का पालन नहीं किया। आरोप है कि गलत लाभ लेने की नीयत से इन पंचायतों के अंतर्गत आने वाली शालाओं के शिक्षकों को युक्तियुक्तकरण के तहत मनेन्द्रगढ़ और भरतपुर में पदस्थ कर दिया गया।
इस मनमानी से प्रभावित शिक्षकों ने पहले कलेक्टर एमसीबी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कथित रूप से कलेक्टर को भ्रमित कर दिया गया। न्याय न मिलने पर शिक्षकों ने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। न्यायालय ने मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में स्वीकार किया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा गलत जानकारी दी गई थी, लेकिन आदेश के अंत में एक पंक्ति जोड़ते हुए जनकपुर में की गई पदस्थापना को सही ठहरा दिया।
इससे असंतुष्ट होकर शिक्षकों ने पुनः माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने इस बार प्रकरण को संभाग स्तरीय समिति को सौंपते हुए निष्पक्ष निर्णय देने के निर्देश दिए। संभागीय समिति ने अपने आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शासन के निर्देशों के उल्लंघन और मनमानी का स्पष्ट उल्लेख किया तथा मामला जिला शिक्षा अधिकारी एमसीबी को वापस भेजा। हालांकि वहां भी सभी तथ्यों को स्वीकारने के बावजूद अंततः जनकपुर के आदेश को सही मान लिया गया।
तीसरी बार शिक्षकों द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। प्रथम सुनवाई के दिन ही माननीय उच्च न्यायालय ने जिला शिक्षा अधिकारी एमसीबी के आदेश को निरस्त करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बैकुंठपुर, जिला कोरिया को 21 दिनों के भीतर नया आदेश जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी बैकुंठपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर दिया है।
बताया जा रहा है कि इससे पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी मनेन्द्रगढ़ हर बार कलेक्टर महोदय का अनुमोदन प्राप्त कर आदेश जारी करते रहे, जिसे अब माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना माना जा रहा है। शिक्षकों के विद्वान अधिवक्ता ने न्यायालय की अवमानना (कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट) का प्रकरण भी दायर करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रभावित शिक्षकों में संतोष का माहौल है और इसे प्रशासनिक मनमानी पर बड़ी न्यायिक रोक के रूप में देखा जा रहा है।

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