नवपदस्थ थाना प्रभारी की पहली बड़ी कार्रवाई:........ कोयला माफिया को स्कॉर्पियो वाहन में 300 किलो अवैध कोयला परिवहन करते पुलिस ने पकड़ा , वाहन सहित जप्त...... कोयला चोरी के प्रकरण में आरोपी की तीन गाड़ियां चरचा थाने में......

नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट 

कोरिया चरचा  कॉलरी........इतवार की देर रात चरचा पुलिस ने क्षेत्र के चर्चित अवैध कोयला कारोबारी धीरज जायसवाल को अवैध कोयला परिवहन करते रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई नवपदस्थ थाना प्रभारी आनंद सोनी द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद कोयला चोरों के विरुद्ध पहली बड़ी कार्यवाही मानी जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धीरज जायसवाल अपनी काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक CG 12 /D 6/6156 में लगभग 300 किलो कोयला बोरियों में भरकर रात्रि लगभग चार बजे चर्चा कालरी से बांधपारा-जमनी पारा मार्ग की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान रात्रि गश्त पर निकले प्रधान आरक्षक शशिभूषण प्रधान, राजेश टांडे एवं नगर सैनिक विकास सिंह ने वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें अवैध कोयला पाया गया। पुलिस टीम ने वाहन चालक सहित वाहन एवं कोयला जप्त कर थाना लाया तथा थाना प्रभारी आनंद सोनी के निर्देश पर वैधानिक कार्यवाही  की गई। 

पहले भी पकड़ा जा चुका है आरोपी....

विदित हो कि 15 फरवरी 2026 को भी धीरज जायसवाल को वैगन आर वाहन क्रमांक CG 07 /M /2680 में चोरी का कोयला परिवहन करते शिवपुर कथौतिया पारा के पास देर रात पकड़ा गया था, जिस पर चर्चा थाने में कार्यवाही की गई थी। 1 वर्ष पूर्व भी आरोपी को कोयला परिवहन के मामले में उसके पिकअप वाहन के साथ पकड़ा गया था जो अभी तक चर्चा थाने में खड़ी है इस प्रकार चर्चा थाने में आरोपी की तीन गाड़ियां जप्त  हैं सूत्रों के अनुसार सोनहत थाने में भी उसके विरुद्ध अवैध कोयला चोरी का मामला दर्ज है। इसके बावजूद आरोपी का हौसला कम नहीं हुआ, जो कई सवाल खड़े करता है।

 वार्ड 11, 12 और 13 में सक्रिय है कोयला चोरी का संगठित गिरोह....

वर्तमान में चरचा कालरी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11, 12 एवं 13 में देर रात कोयला चोरी और अवैध परिवहन का कारोबार तेज गति से संचालित हो रहा है। इस अवैध धंधे में भारती, अनिल और पिंकू के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह प्रतिदिन देर रात ट्रैक्टर, पिकअप और ऑटो वाहनों के माध्यम से चोरी का कोयला खरीदकर रातों-रात परिवहन कर रहा है।स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि इन लोगों को कुछ कथित जनप्रतिनिधियों  व चरचा थाने के कतिपय लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हैं। ऐसे में इन संगठित गिरोहों पर अंकुश लगाना थाना प्रभारी के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा।

 खदान एक, कोयला एक… फिर “मालिक” कौन?........पूरे कालरी क्षेत्र में कोयला उत्पादन का एकमात्र स्रोत एसईसीएल की चर्चा कालरी खदान है इसका अतिरिक्त अन्य कोई उद्योग धंधे नहीं है जहां कोयले की उपलब्धता हो, इसके बावजूद जब-जब अवैध कोयला पकड़ा जाता है, स्थानीय कालरी प्रबंधन यह तो स्वीकार करता है कि “चोरी हो रही है”, लेकिन जब्त कोयले को अपना बताने से पीछे हट जाता है।सबसे बड़ा प्रश्न यही है—जब क्षेत्र में केवल एक ही खदान है, तो पकड़ा गया कोयला किसका है?, चोरी हो रही है,,, तो चोरी किसकी हो रही है स्थानीय प्रबंधन की इस रहस्यमयी चुप्पी और दोहरी कार्यशैली के कारण प्रतिदिन हजारों रुपये की राजस्व हानि हो रही है। यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो कोयला माफिया का यह संगठित नेटवर्क और भी मजबूत होता जाएगा।

नवपदस्थ थाना प्रभारी आनंद सोनी की यह पहली कार्रवाई निश्चित रूप से एक संदेश है, लेकिन क्या यह कार्रवाई संगठित कोयला माफिया की कमर तोड़ पाएगी?क्या संरक्षित गिरोहों पर भी वैसी ही सख्ती दिखाई जाएगी?

और क्या स्थानीय  कालरी प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट करेगा?

चर्चा क्षेत्र की जनता अब ठोस और निरंतर कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है।

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