कोरिया बैकुंठपुर । आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण समाज में तेजी से बढ़ रही मनोवैज्ञानिक समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा गंभीर पहल की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह एवं सिविल सर्जन डॉ. आयुष जायसवाल के मार्गदर्शन में कपीसिटी बिल्डिंग (सामर्थ्य निर्माण) कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण स्थानीय रेस्टोरेंट, बैकुंठपुर (जिला कोरिया) में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
यह प्रशिक्षण तीन चरणों में आयोजित किया गया। 21 जनवरी 26, मंगलवार को चिकित्सा अधिकारी, आयुष चिकित्सा अधिकारी एवं आरएमए ने प्रशिक्षण में सहभागिता की। इसके पश्चात 22 जनवरी 26, बुधवार को जिला स्तरीय महिला आरएचओ ने प्रशिक्षण में भाग लिया। वहीं 23 जनवरी 26, गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, उचित प्रबंधन एवं सही उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करना रहा।
प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मनोरोग मनोवैज्ञानिक डॉ. सुमन कुमार उपस्थित रहे। उनके साथ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुभाशीष करण एवं सहायक प्रशिक्षक के रूप में मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता पुलेंद्र कुमार मोहाले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. सुमन कुमार ने जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए न्यूरोटिक समस्याओं जैसे अवसाद, एंग्जायटी डिसऑर्डर, समाटोफॉर्म डिसऑर्डर पर प्रकाश डाला। साथ ही बच्चों एवं किशोरों में पाई जाने वाली मनोवैज्ञानिक समस्याएं जैसे इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, एडीएचडी, लर्निंग डिसेबिलिटी तथा मोबाइल एडिक्शन के संकेत, कारण एवं उपचार के विषय में विस्तार से समझाया।
उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया कि मनोवैज्ञानिक समस्याएं शारीरिक रोगों से अलग होती हैं तथा इनके उपचार में केवल दवाइयों के साथ-साथ साइकोथेरेपी एवं काउंसलिंग अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने आमजन को झोलाछाप चिकित्सकों अथवा अवैध मनोवैज्ञानिकों के पास न जाने की सलाह दी।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुभाशीष करण द्वारा सायकोटिक समस्याओं जैसे स्किज़ोफ्रेनिया एवं मेनिया के लक्षण, कारण एवं उपचार की जानकारी दी गई। वहीं मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता पुलेंद्र कुमार मोहाले ने छत्तीसगढ़ में प्रमुख नशों—विशेषकर शराब एवं तंबाकू—से होने वाले मानसिक नुकसान एवं उनके प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की।
प्रशिक्षण के दौरान सीएचओ टीम द्वारा लघु नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से मानसिक रोगों से जुड़े मिथकों, उनकी वास्तविकता एवं उपचार के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे प्रतिभागियों ने सराहा।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को भारत सरकार द्वारा संचालित निःशुल्क टेली-मानस सेवा के हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि जिला चिकित्सालय कोरिया में ओपीडी नंबर 9 एवं 13 के माध्यम से मानसिक रोगों हेतु दवा, साइकोथेरेपी एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध है।
इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में जिला कार्यक्रम प्रबंधक अशरफ अंसारी, जिला नोडल अधिकारी डॉ. कार्तिकेय सिंह, डीटीसी राकेश सिंह एवं एनएमएचपी टीम कोरिया का सराहनीय सहयोग रहा।


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