रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तद्थ जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा राज्य के किसानों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। नवीन रायपुर स्थित मंत्रालय से 26 नवंबर 2025 को जारी पत्र क्रमांक 20755/GENCOR-35/789/Ag.Sec.(T.) के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विभागों, कृषि उत्पादन संगठनों, मंडियों तथा समस्त सहकारी समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खरीफ वर्ष 2025 के लिए एकीकृत किसान पोर्टल में फसल पंजीयन एवं संशोधन की प्रक्रिया को समय-सीमा बढ़ाकर 30 नवंबर 2025 तक किया गया है।
विभाग के अनुसार, पहले यह कार्य 18 नवंबर से 25 नवंबर तक निर्धारित था, जिसके अंतर्गत तहसीलदारों को विशेष समय में लॉगिन कर किसानों के पंजीयन एवं संशोधन की कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा गया था। लेकिन विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्टों तथा विभागीय पत्र क्रमांक 1/86590/2025 , 24.11.2025 में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा भेजे गए निर्देशों के बाद यह महसूस किया गया कि अधिक संख्या में किसानों के पंजीयन कार्य अभी लंबित हैं। कई समितियाँ तकनीकी कारणों से लॉगिन सुविधा तक पहुँच नहीं पा रही थीं, जिससे किसानों का पंजीयन समय पर संभव नहीं हो पा रहा था।
इस स्थिति को देखते हुए शासन ने स्पष्ट रूप से सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 30 नवंबर 2025 तक किसानों के पंजीयन के लिए सभी समितियों का लॉगिन तत्काल उपलब्ध कराया जाए। खाद्य विभाग द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि कई संगठनों ने यह सूचना दी है कि समितियों का लॉगिन अभी भी सक्रिय नहीं हो सका है, जिस कारण किसानों का डाटा अद्यतन और पंजीयन दोनों बाधित हो रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने सभी कलेक्टरों, तहसीलदारों, सहकारिता विभाग, खाद्य विभाग सहित मंडियों को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 25 नवंबर 2025 से अब तक समितियों द्वारा पंजीयन हेतु किए जा रहे प्रयासों को और अधिक सक्रिय किया जाए। साथ ही, समिति स्तर पर जो भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्याएँ हैं, उन्हें प्राथमिकता की श्रेणी में रखते हुए हल करने को कहा गया है।
अपर सचिव अमित कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में विभागीय अधिकारियों से यह अपेक्षा की गई है कि किसान हित में किए जा रहे इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही न बरती जाए। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि राज्य का प्रत्येक किसान अपनी फसल का पंजीयन करवा सके तथा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सहित अन्य योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सके।
समस्त समितियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों तक सूचना पहुँचाएँ और यदि किसी समिति का लॉगिन तकनीकी रूप से सक्रिय नहीं है तो उसकी तुरंत व्यवस्था करें। शासन का मानना है कि इस निर्णय से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना किसी बाधा के पंजीयन कार्य कर सकेंगे।
इस निर्णय के बाद उम्मीद की जा रही है कि प्रदेश भर में पंजीयन प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसान आगामी खरीदी सीजन के लिए सुगमता से अपना डेटा अपडेट कर पाएंगे।

0 टिप्पणियाँ