राष्ट्र और मानवता की सेवा को समर्पित पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम के महानिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि


कोरिया बैकुंठपुर। राष्ट्र और मानवता की सेवा के प्रति अपने अद्वितीय समर्पण और त्यागपूर्ण जीवन के कारण पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम  समाज में आध्यात्मिक तथा सामाजिक जागृति के प्रमुख स्रोत रहे हैं। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के सर्वेश्वरी आश्रम तलवापारा में बृहद कार्यक्रम का आयोजन किया गया यह कार्यक्रम दिन भर चला तथा दिनभर भोग भंडारे का भव्य आयोजन किया गया है। उनके महानिर्वाण दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं, अनुयायियों और समाजसेवियों ने उन्हें सादर नमन करते हुए उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग का स्मरण किया।

पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम ने अपने जीवनकाल में मानव सेवा, करुणा और समानता का ऐसा संदेश दिया, जिसे आज भी लाखों लोग जीवन का आदर्श मानते हैं। उन्होंने समाज के उपेक्षित, गरीब और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए अथक प्रयास किए। उनका मानना था कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं, और सेवा से बड़ा कोई साधन नहीं। उनके विचारों ने लोगों में न सिर्फ आध्यात्मिक चेतना जगाई, बल्कि सामाजिक बुराइयों को मिटाने की दिशा में मजबूत प्रेरणा भी प्रदान की।

महानिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने उनके कार्यों और शिक्षाओं को याद किया। अनेक धार्मिक स्थलों, आश्रमों और संस्थानों में विशेष पूजा, सत्संग और मानव सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने कहा कि पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम का जीवन संघर्ष, समर्पण और परोपकार का अद्भुत उदाहरण है, जिसे प्रत्येक पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है।

समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि वे उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र और मानवता की सेवा जारी रखेंगे। उनके अनुयायियों ने कहा कि भगवान राम जी की शिक्षाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उनके जीवनकाल में थीं, और वे हमें प्रेम, भाईचारे तथा करुणा के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं।

महानिर्वाण दिवस पर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और भावनाओं का वातावरण व्याप्त रहा, जहाँ हर किसी ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। निश्चित तौर पर कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में यह आयोजन अपनी भव्यता एवं मानवता सेवा का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।

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