नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कालरी ..........हिंद विद्यालय इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल चर्चा में विगत 5 दिनों से आयोजित आयोजित विकास खंडस्तरीय भारत स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण शिविर का समापन विनोद कुमार राय जिला शिक्षा अधिकारी जय नाथ बाजपेई सहायक परियोजना अधिकारी ,भट्ट सर प्राध्यापक नीरज गुप्ता वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती रामकली पाल पार्षद नगर पालिका शिवपुर चर्चा शशि भूषण राय प्रचार हिंद विद्यालय की उपस्थिति में संपन्न हुआ कार्यक्रम के प्रारंभ में स्काउट प्रशिक्षण के द्वारा अतिथियों का स्वागत स्काउट स्कार्फ को पहनाकर व उसमें भलाई की गांठ लगाकर किया गया इसके साथ ही विद्यालय परिवार के द्वारा पुष्प गुच्छ से अभिनन्दन किया गया समापन अवसर पर स्काउट गीत के साथ कैंप फायर किया गया समापन समारोह में बच्चों ने मनोरंजन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी मुख्य अतिथि विनोद कुमार राय ने अपने संबोधन में कहा कि स्कूल में पढ़ाई के दौरान मानसिक, शारीरिक व नैतिक विकास में स्काउट अहम भूमिका निभाता है स्काउट के माध्यम से सेवा भावना आती है नेतृत्व क्षमता बढ़ती है समाज सेवा की भावना जागृत होती है आत्मविश्वास बढ़ता है और अनुशासन के माध्यम से हम अपनी जीवन शैली को और भी बेहतर करते हैं किताबी ज्ञान के साथ सामाजिक ज्ञान और संस्कारिक ज्ञान भी जरूरी है शासन का यह मानना है की पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में बहुमुखी प्रतिभा को जागृत करना है।
हिंदू विद्यालय परिसर में आयोजित शिविर में पालिका क्षेत्र के सात विद्यालयों के लगभग 100 से भी अधिक बच्चों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया समापन समारोह में अतिथियों के द्वारा सभी बच्चों को प्रमाण पत्र दिए गए भारत स्काउट एवं गाइड द्वारा आयोजित यह शिविर तृतीय सोपान प्रशिक्षण शिविर स्काउट गाइड गतिविधियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ शिविर में विद्यार्थियों का न केवल नई सीख मिली बल्कि समाज सेवा ,जिम्मेदारी और राष्ट्रहित के प्रति प्रेरणा भी प्राप्त हुई।
शिविर संचालक सुनील कुमार बड़ा ,सहायक संचालक निशान आरा ,प्रशिक्षक राजाराम देवांगन, ममता सिंह ,विकल्प श्रीवास्तव , अमरनाथ सिंह ने बहुत ही कुशल व सहज तरीके से बच्चों को प्रशिक्षण दिया वहीं शिविर के सफल आयोजन हेतु विद्यालय परिवार के प्राचार्य शशि भूषण राय, जयदेव पांडे मिंटू सर श्रीमती निशा राय मेघा तिवारी मंजू केवट दयानंद ठाकुर सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं का योगदान रहा।



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