जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा ने शालीनता का दिया संदेश, शासकीय वाहन से हटवाया हूटर


कोरिया बैकुंठपुर । जनप्रतिनिधियों के आचरण से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है, इसी भावना को चरितार्थ करते हुए जिला पंचायत कोरिया के अध्यक्ष मोहित पैकरा ने अपने शासकीय वाहन से हूटर हटवाकर एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने यह कदम यह दिखाने के लिए उठाया कि जनसेवा का दायित्व निभाने के लिए दिखावे या विशेष सुविधाओं की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि शालीनता और सादगी से भी कार्यों को सुचारू रूप से किया जा सकता है।

मोहित पैकरा ने बताया कि प्रशासनिक और जनप्रतिनिधिक पदों का उद्देश्य जनता की सेवा करना है, न कि समाज में भय या विशेषाधिकार का भाव फैलाना। उन्होंने कहा कि हूटर जैसे प्रतीक आम जनता में यह संदेश देते हैं कि पद पर बैठे व्यक्ति स्वयं को आमजन से अलग समझते हैं। उन्होंने इस व्यवस्था को बदलने का संकल्प लिया है ताकि समाज में समानता, सादगी और शालीनता का वातावरण बने।

उनका यह कदम जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवहारिक विनम्रता का प्रतीक है। आमजन का मानना है कि इस प्रकार की पहल से जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच की दूरी कम होती है तथा शासन-प्रशासन पर जनता का भरोसा और बढ़ता है।

मोहित पैकरा ने यह भी कहा कि वह अपने कार्यों और निर्णयों के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि पद का गौरव सेवा में है, प्रदर्शन में नहीं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे भी अनावश्यक दिखावे से बचें और सादगी को अपनाएं।

राज्य में बढ़ती दिखावटी प्रवृत्तियों के बीच यह पहल एक प्रेरक उदाहरण बन सकती है। यह कदम न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं को मजबूत करता है बल्कि लोकतंत्र के उस मूल भाव को भी जीवंत रखता है, जिसमें जनता सर्वोपरि होती है।

जिला पंचायत कोरिया अध्यक्ष की इस पहल से समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है कि सम्मान और प्रभाव सादगी में भी निहित है। मोहित पैकरा का यह निर्णय निश्चित रूप से अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है और यह विश्वास दिलाता है कि सादगी और सेवा भावना से भी कार्यों को कुशलतापूर्वक संचालित किया जा सकता है।

इस प्रकार मोहित पैकरा ने अपने इस छोटे से कदम के माध्यम से एक बड़ा सामाजिक संदेश दिया है — "पद से नहीं, व्यवहार से बनती है पहचान।"

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