कोरिया बैकुंठपुर । जिला मुख्यालय बैकुंठपुर स्थित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास की जर्जर स्थिति को लेकर छात्राओं के अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कलेक्टर कोरिया तथा बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भैयालाल राजवाड़े के नाम शिकायत प्रस्तुत कर छात्रावास की व्यवस्था में तत्काल सुधार किए जाने की मांग की। अभिभावकों का कहना था कि छात्रावास भवन की वर्तमान स्थिति को देखते हुए छात्राओं को वहां रखना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है।
अभिभावकों की शिकायत सामने आने के बाद बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पहल की। विधायक ने जिला प्रशासन से छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर भवन से उन्हें किसी सुरक्षित वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की। विधायक की ओर से कलेक्टर कोरिया तथा आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त से चर्चा कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
रायपुर में रहते हुए भी विधायक ने तत्काल लिया संज्ञान
बताया गया कि विधायक भैयालाल राजवाड़े उस समय जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में मौजूद नहीं थे और रायपुर में थे। इसके बावजूद जैसे ही उन्हें छात्रावास की जर्जर स्थिति और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। विधायक ने कलेक्टर कोरिया और आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त से चर्चा करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि छात्राओं को जर्जर भवन में नहीं रखा जाना चाहिए तथा उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाए।
विधायक ने यह भी कहा कि यदि वैकल्पिक छात्रावास की व्यवस्था वर्तमान स्थान से दूर की जाती है, तो छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके आवागमन के लिए प्रशासन द्वारा बस अथवा अन्य आवश्यक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि छात्राओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशासन ने तत्काल की वैकल्पिक व्यवस्था
अभिभावकों की शिकायत और विधायक की पहल के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की तथा छात्राओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की। प्रशासन द्वारा की गई इस पहल से छात्राओं और उनके अभिभावकों को राहत मिली है। जर्जर भवन में रहने को लेकर जो चिंता बनी हुई थी, उसके बाद सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने से छात्राओं ने राहत की सांस ली।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठी थी चिंता
पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राएं रहकर अध्ययन करती हैं। ऐसे में छात्रावास भवन की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं महत्वपूर्ण हैं। जर्जर भवन को लेकर अभिभावकों ने समय रहते प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया और छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की।
अभिभावकों का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में प्रशासन को समय पर आवश्यक कदम उठाने चाहिए। वहीं, विधायक भैयालाल राजवाड़े की तत्काल पहल के बाद प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने से अभिभावकों में भी संतोष देखा जा रहा है।
अभिभावकों की मांग पर त्वरित पहल
पूरे मामले में अभिभावकों की शिकायत के बाद विधायक द्वारा तत्काल अधिकारियों से चर्चा करना और जिला प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल छात्राओं को जर्जर भवन में रहने से राहत मिली है। अब अभिभावकों की अपेक्षा है कि छात्रावास के स्थायी समाधान के लिए भवन की मरम्मत अथवा सुरक्षित नवीन भवन की व्यवस्था की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में छात्राओं को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।


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