नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
चरचा कालरी........ दिसंबर 2026 में प्रस्तावित नगर पालिका शिवपुर चरचा के निकाय चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही वार्ड आरक्षण की प्रतीक्षा आखिरकार समाप्त हो गई। कलेक्टर कोरिया श्रीमती रोक्तिमा यादव, एसडीएम बैकुंठपुर उमेश पटेल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती मुक्ता सिंह चौहान सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में नगर पालिका के 15 वार्डों का आरक्षण संपन्न हुआ। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही चरचा की राजनीति में चुनावी सरगर्मी अचानक तेज हो गई है।
आरक्षण प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के लिए वार्ड क्रमांक 1 एवं 9 का चयन किया गया। इसके बाद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए वार्ड क्रमांक 4 एवं 12 आरक्षित किए गए। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण के तहत तीन वार्डों में ओबीसी वर्ग का आरक्षण किया गया, जिसमें एक महिला वर्ग के लिए आरक्षित है।
**यह रहा 15 वार्डों का आरक्षण*....वार्ड क्रमांक 1 – डॉ. भीमराव आंबेडकर वार्ड:** अनुसूचित जाति महिला वार्ड क्रमांक 2 – महाराणा प्रताप वार्ड:,,सामान्य महिला
वार्ड क्रमांक 3 – स्वामी विवेकानंद वार्ड: सामान्य मुक्तवार्ड क्रमांक 4 – सुभाष चंद्र बोस वार्ड: अनुसूचित जनजाति मुक्त
**वार्ड क्रमांक 5 – शहीद भगत सिंह वार्ड:** सामान्य मुक्त
**वार्ड क्रमांक 6 – लाल बहादुर शास्त्री वार्ड:** ओबीसी मुक्त
**वार्ड क्रमांक 7 – बाल गंगाधर वार्ड:** सामान्य मुक्त
**वार्ड क्रमांक 8 – महात्मा गांधी वार्ड:** सामान्य मुक्त
**वार्ड क्रमांक 9 – लाला लाजपत राय वार्ड:** अनुसूचित जाति मुक्त
**वार्ड क्रमांक 10 – पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड:** सामान्य महिला
**वार्ड क्रमांक 11 – अब्दुल कलाम वार्ड:** सामान्य मुक्त
**वार्ड क्रमांक 12 – सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड:** अनुसूचित जनजाति महिला
**वार्ड क्रमांक 13 – चंद्रशेखर आजाद वार्ड:** ओबीसी मुक्त
**वार्ड क्रमांक 14 – रानी लक्ष्मीबाई वार्ड:** ओबीसी महिला
**वार्ड क्रमांक 15 – डॉ. राजेंद्र प्रसाद वार्ड:** सामान्य मुक्त
संभावित सूची 80 प्रतिशत सही निकली.......गौरतलब है कि वार्ड आरक्षण से पूर्व संभावित आरक्षण की एक सूची भी सामने आई थी, जो अधिकांशतः सही साबित हुई। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए सामान्य महिला वर्ग का आरक्षण पहले ही घोषित किया जा चुका है। इसके चलते अध्यक्ष पद की दावेदार महिला प्रत्याशियों ने काफी पहले से जनसंपर्क शुरू कर दिया था। वार्ड आरक्षण लंबित होने के कारण पार्षद पद के कई दावेदार असमंजस में थे, लेकिन अब स्थिति साफ होते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई है आरक्षण के बाद कई संभावित प्रत्याशियों के समीकरण बदल गए हैं।
कहीं खुशी कहीं गम,,,, वार्ड क्रमांक 15 के पूर्व पार्षद प्रदीप तिवारी के लिए आरक्षण राहत लेकर आया है। पिछले कार्यकाल में इसी वार्ड से चुनाव जीतने वाले तिवारी अब सामान्य मुक्त सीट होने के कारण पुनः इसी वार्ड से दावेदारी कर सकते हैं। पूर्व में वे सामान्य सीट की तलाश में बताए जा रहे थे। उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी और बाद में भाजपा में शामिल हो गए।
वहीं नगर पालिका शिवपुर चरचा के वर्तमान उपाध्यक्ष एवं वार्ड क्रमांक 13 के पूर्व पार्षद राजेश सिंह के सामने वार्ड आरक्षण के बाद नई चुनौती खड़ी हो गई है। उनका वार्ड ओबीसी मुक्त होने के कारण अब उन्हें दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने की रणनीति बनानी पड़ सकती है। दूसरी ओर उनकी पत्नी श्रीमती दीपा राजेश सिंह अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी को लेकर जनसंपर्क में सक्रिय हैं। वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद कुमोद मिश्रा जोकि सामान्य वर्ग से आते हैं व पिछले निकाय चुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी बनकर भाजपा और कांग्रेस को शिकस्त दी थी और जबरदस्त जीत हासिल की थी वह भी अब सामान्य वर्ग के वार्ड आरक्षण वाले वार्ड की ओर रुख कर सकते हैं संभावना है कि वह वार्ड क्रमांक 15 जिसे सामान्य मुक्त आरक्षित किया गया है वहां से चुनाव लड़ सकते हैं आरक्षण के तहत वार्ड क्रमांक 3 को सामान्य मुक्त वर्ग हेतु आरक्षित किया गया इस वार्ड से विक्रांत सिंह के चुनाव लड़ने कीसंभावनाहै
कांग्रेस के सामने प्रत्याशी चयन की चुनौती.......चरचा में मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच ही चुनावी मुकाबला देखने को मिलता रहा है। वार्ड आरक्षण स्पष्ट होने के बाद अब दोनों प्रमुख दलों में टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने प्रत्येक वार्ड से प्रत्याशी चयन करना बड़ी चुनौती होगी।टिकट पाने वाले दावेदारों में उत्साह होगा, जबकि टिकट से वंचित दावेदारों की अगली रणनीति भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से कई वार्डों में मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है।पांच वर्ष में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर चरचा के मतदाताओं में भी खासा उत्साह रहता है। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब संभावित प्रत्याशियों ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। कौन किस वार्ड से मैदान में उतरेगा, किसे पार्टी का टिकट मिलेगा और कौन निर्दलीय के रूप में चुनावी ताल ठोकेगा—इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे।
फिलहाल वार्ड आरक्षण के बाद चरचा की चुनावी बिसात सज चुकी है और अब निगाहें प्रत्याशियों के चेहरे तथा राजनीतिक दलों के टिकट वितरण पर टिक गई हैं।

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