कलेक्टर की संवेदनशील पहल से बदली मुस्कान- दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण, प्रमाण पत्र और योजनाओं का लाभ, जिले में आयोजित शिविर में 10 नए दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी, 18 का नवीनीकरण और 12 पेंशन प्रकरण अपडेट


कोरिया बैकुंठपुर / दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पोंड़ी में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र शिविर का आयोजन किया गया था।

ग्राम पंचायत पोंड़ी स्थित सर्व आदिवासी भवन में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र शिविर में 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के नवीन एवं नवीनीकरण दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाने के लिए शिविर आयोजित की गई थी। समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह शिविर तहसील पोंड़ी-बचरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों के दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए आयोजित किया गया था।

शिविर में जिला मेडिकल बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहें तथा दिव्यांगजनों का परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी की गई। आयोजित परीक्षण एवं मेडिकल प्रमाण पत्र शिविर समाज के कमजोर वर्गों के लिए उम्मीद और सहयोग का केंद्र बन गया। समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत, राजस्व विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से आयोजित यह शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

शिविर में 10 नए दिव्यांगता मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किए गए, जबकि 18 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण किया गया। इसके साथ ही 12 हितग्राहियों के पेंशन संबंधी डाटा का अद्यतन भी किया गया, जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।

इस अवसर पर पोड़ी की सरपंच श्रीमती सुशीला ने दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरित कर संवेदनशीलता और सामाजिक सहभागिता का परिचय दिया। उनके द्वारा 2 व्हील चेयर, 1 वॉकर, 2 श्रवण यंत्र, 2 जोड़ी बैशाखी तथा 10 छड़ियों का वितरण किया गया।

शिविर के दौरान बड़े कलवा निवासी श्री शिवशंकर के पुत्र शुभम रिजवाड़े (8 वर्ष), जो बहुदिव्यांग हैं, सहित दो जरूरतमंद हितग्राहियों को व्हील चेयर प्रदान की गई। वहीं 18 वर्षीय श्रवण बाधित सुरेन्द्र एवं एक वरिष्ठ नागरिक को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। देवसाय और बैजनाथ को बैशाखी प्रदान की गई, जबकि 10 वरिष्ठ नागरिकों को चलने-फिरने में सहूलियत के लिए छड़ी वितरित की गई।

शिविर में उपस्थित हितग्राहियों और उनके परिजनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास और सम्मान को भी मजबूत करते हैं।

जिला कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए इस प्रकार के शिविर आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक सहायता और संवेदना पहुंच सके।

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