कोरिया बैकुंठपुर । कोयला क्षेत्र में श्रमिकों के हितों की रक्षा और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कोयला मजदूर सभा (एच.एम.एस.), एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के अंतर्गत नई टीम का गठन किया गया है। इस नई कार्यकारिणी में विभिन्न क्षेत्रों से सक्रिय और अनुभवी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपकर संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।
संगठन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, नव-नियुक्त पदाधिकारियों में केदारनाथ अग्रवाल, योगेंद्र मिश्रा, अक्षय तिवारी एवं अरुण कुमार झा को महत्वपूर्ण दायित्व दिए गए हैं। इन सभी पदाधिकारियों को श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने तथा संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय ने इस अवसर पर सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही श्रमिकों की आवाज को बुलंद करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई टीम पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करते हुए श्रमिकों के हितों की रक्षा करेगी तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी।
संगठन के अध्यक्ष बजरंगी शाही ने भी अपने संदेश में सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नई टीम संगठन के लिए नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी पदाधिकारी मिल-जुलकर कार्य करेंगे और कोयला मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
इस दौरान संगठन के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी नव-नियुक्त टीम का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। सभी ने एक स्वर में कहा कि संगठन की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और नई जिम्मेदारियों के साथ यह टीम श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी।
ज्ञात हो कि कोयला क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें कार्यस्थल की सुरक्षा, वेतन संबंधी मुद्दे, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य मूलभूत आवश्यकताएं शामिल हैं। ऐसे में कोयला मजदूर सभा की यह नई टीम इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेगी और श्रमिकों की आवाज को प्रबंधन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य करेगी।
नई टीम के गठन से श्रमिकों में उत्साह का माहौल है और उन्हें उम्मीद है कि संगठन अब पहले से अधिक मजबूती के साथ उनके हितों की रक्षा करेगा।


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