कोरिया बैकुंठपुर। जिले के ग्राम पंचायत भंडारपारा स्थित देवस्थल झगराखाड मंदिर के समीप आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य सौभाग्यवती सिंह सरपंच सुखनंदन सिंह, दुर्गा सिंह सहित जनप्रतिनिधि की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित हुए और अपनी-अपनी समस्याओं को सामने रखा। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर स्थानीय नागरिकों द्वारा पारंपरिक कोयतूर फूलों से आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और अपनत्व का वातावरण निर्मित हुआ।
शिविर के दौरान जनप्रतिनिधि ने क्षेत्र के आमजन की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस उद्देश्य से अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करने का प्रयास किया तथा कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया गया। जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव नहीं था, उन्हें शीघ्र प्राथमिकता के साथ हल करने का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत गोदभराई की रस्म संपन्न कराई गई, जिसमें गर्भवती महिलाओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। इसके साथ ही छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी विधिवत रूप से कराया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
जनप्रतिनिधि ने अपने संबोधन में कहा कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ सुनिश्चित किया जाए।
इस जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से न केवल ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिला, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद भी स्थापित हुआ। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन की मांग की, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो सके।



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