नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कॉलरी.........चरचा थाना क्षेत्र अंतर्गत विशेष रूप से चरचा कॉलरी एवं आसपास के इलाकों में इन दिनों अवैध गतिविधियों का जाल तेजी से फैलता नजर आ रहा है। गली-गली में महुआ शराब की खुलेआम बिक्री, नशे के कारोबार में स्थानीय स्तर पर कथित जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता, गांजा ड्रग्स तस्करी की चर्चाएं, सक्रिय लोहे-कबाड़ गिरोह और सबसे बढ़कर अवैध कोयला चोरी का संगठित नेटवर्क—ये सब मिलकर क्षेत्र की सामाजिक व्यवस्था को खोखला कर रहे हैं।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार अवैध महुआ शराब का धंधा गांव-गांव और मोहल्लों तक पहुंच चुका है। कुछ कथित प्रभावशाली लोग चंद पैसों के लालच में युवाओं और आमजन को नशे की गिरफ्त में धकेल रहे हैं। नशे की इस लत ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं और घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी तथा अपराध की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है।इसी के साथ क्षेत्र में गांजा व नशीले इंजेक्शन के व्यापार की भी खबरें जोरों पर हैं। नशे का यह अवैध कारोबार युवाओं के भविष्य को अंधकार में ढकेल रहा है। दूसरी ओर, लोहे-कबाड़ का अवैध कारोबार भी सक्रिय है, जो सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहा है। थाना प्रभारी के द्वारा पदभार लिए जाने के चंद्र घंटे में ही मारुति वैन में चोरी का स्क्रैप का पकडाना इस बात का प्रमाण है कि कबाड़ गिरोह सक्रिय है अपराधिक गतिविधियों के क्रम में कॉलरी क्षेत्र के युवाओं में फिल्मी गैंगवॉर स्टाइल में मारपीट की घटनाएं बढ़ रही है जो की बेहद चिंता जनक है
सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति अवैध कोयला चोरी की है। कोल माफिया खुलेआम अवैध खनन और कोयले के क्रय-विक्रय में संलिप्त हैं। चर्चा थाना क्षेत्र में एकमात्र चर्चा कॉलरी की खदान है जहां कोयला उत्पादन होता है इसके अतिरिक्त आस-पास कोई डिपो भी नहीं है जहां कोयले का क्रय विक्रय होता हो, बावजूद इसके आसपास के दर्जनों अवेद्युत भत्तों में इस कोयले की भरमार है चोरी के कोयले से क्षेत्र में ईंट भट्टे संचालित किया जा रहे हैं ₹300 प्रति बोरी की दर से ईंट भट्टों के मालिक चोरी का कोयला खरीदते हैं चरचा कालरी के विभागीय डी पॉइंट ,सी पॉइंट से ज्यादातर कोयला चोरी की जाती है और यह चोरी का कोयला चर्चा थाना के चंद दूरी से ले जाया जाता है चर्चा थाना के कतिपय कर्मचारी भी इस कोयले के काले धंधे में शामिल हैं ,वर्तमान में कोयला तस्करी का नया केंद्र नगर पालिका शिवपुर चर्चा का वार्ड क्रमांक 12 व 13 है जहां नाले के समीप प्रतिदिन देर रात पिकअप व ऑटो के माध्यम से चोरी का अवैध कोयला परिवहन किया जा रहा है सूत्रों की मानें तो इस नेटवर्क में कई स्थानीय तथाकथित सफेदपोश भी शामिल बताए जाते हैं, जिनके संरक्षण में यह धंधा फल-फूल रहा है। राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर प्रशासन पर दबाव बनाने और आरोपियों को कार्रवाई से बचाने की प्रवृत्ति भी सामने आती रही है। कुछ राजनीतिक दलों पर आरोप है कि वे ऐसे तत्वों को अपना ‘वोट बैंक’ मानकर संरक्षण देते हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं।ऐसे गंभीर हालात के बीच चरचा थाना में नए थाना प्रभारी आनंद सोनी ने पदभार संभाला है। उनके सामने क्षेत्र को अपराध और अवैध गतिविधियों से मुक्त कराने की बड़ी चुनौती है। आमजन में उम्मीद जगी है कि वे राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे।
थाना प्रभारी आनंद सोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा,मैं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में निष्ठा और निष्पक्षता के साथ कार्य करूंगा। संबंध सबके साथ रहेंगे, लेकिन न्याय को कहीं भी प्रभावित नहीं होने दूंगा। कानून से ऊपर कोई नहीं है।”
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन अवैध शराब, गांजा, कबाड़ गिरोह और कोल माफिया के खिलाफ ठोस और निर्णायक कार्रवाई करता है या फिर यह नेटवर्क राजनीतिक संरक्षण के सहारे यूं ही फलता-फूलता रहेगा।
जनहित और समाजहित में आवश्यक है कि आम नागरिक भी जागरूक हों, अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें और नशामुक्त, अपराधमुक्त चरचा के निर्माण में सहयोग करें। क्षेत्र की जनता को नए थाना प्रभारी से कड़ी, निष्पक्ष और निरंतर कार्रवाई की अपेक्षा है, ताकि कानून का राज स्थापित हो और अपराधियों में भय का वातावरण बने।

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