कोरिया बैकुंठपुर। आमजन तक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से 23 फरवरी को कोरिया जिले के बस स्टैंड परिसर में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम (फोक मिड-मीडिया एक्टिविटीज) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य, बच्चों में हृदय रोग, बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज) तथा सिकल सेल रोग के प्रति समुदाय में व्यापक जागरूकता बढ़ाना रहा।
यह आयोजन स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह तथा एमसीसीआर के परियोजना निर्देशक डी. श्याम कुमार अपनी टीम के साथ विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को विभिन्न बीमारियों के लक्षण, बचाव एवं समय पर उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों को स्थानीय लोक संस्कृति के माध्यम से सरल और रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे स्थानीय लोक कलाकारों ने गीत, संगीत और नाट्य मंचन के जरिए मानसिक तनाव के लक्षण, बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की पहचान, टाइप-1 डायबिटीज के लक्षण तथा सिकल सेल रोग की जांच और उपचार संबंधी जानकारी दी। प्रस्तुतियों में यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य, और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर झिझक छोड़कर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने से बड़ी संख्या में यात्रियों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने इसे देखा और स्वास्थ्य संदेशों को गंभीरता से समझा। कई लोगों ने कार्यक्रम के बाद विशेषज्ञों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
आयोजन के दौरान जागरूकता संबंधी पोस्टर, पंपलेट और सूचना सामग्री का वितरण किया गया, ताकि लोग इन महत्वपूर्ण जानकारियों को अपने परिवार और समुदाय तक पहुंचा सकें। विशेष रूप से सिकल सेल और टाइप-1 डायबिटीज जैसी बीमारियों के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान और समय पर जांच कराने पर जोर दिया गया।
आयोजकों ने बताया कि सांस्कृतिक माध्यम से दी गई जानकारी लोगों के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ती है और संदेश अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचता है। यही कारण है कि ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर विभिन्न विकासखंडों में आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का द्वितीय चरण 25 फरवरी को विकासखंड पटना और सोनहत में आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सके।
इस पहल से न केवल स्वास्थ्य जागरूकता को बल मिला है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक व्यवहार विकसित करने की दिशा में भी एक सार्थक कदम उठाया गया है।


0 टिप्पणियाँ