जिले में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास, "मोर गांव, मोर पानी" अभियान का सफल आयोजन, जल संरक्षण को लेकर अधिकारियों ने किया श्रमदान,


कोरिया बैकुंठपुर।  जिला कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी के नेतृत्व में बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पोटेडांड आश्रित ग्राम माटीझरिया एवं ग्राम पंचायत डोहड़ा आश्रित ग्राम टेंगनी में नाला बंधान का कार्य किया गया। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना था। इस अभियान में कलेक्टर के साथ जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण सहित ग्रामीणों ने श्रमदान किया।

कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने कहा, "जल, जंगल और जमीन के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। 

 जल संरक्षण हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और प्लास्टिक का उपयोग बंद करें ताकि पर्यावरण को संरक्षित रखा जा सके।" उन्होंने ग्राम माटीझरिया में जल संरक्षण हेतु "नारी शक्ति से जल शक्ति" समूह का निर्माण किया साथ ही किसानों को "5% मॉडल" को अपनाने का आव्हान भी किया। 


सुबह 8 बजे शुरू हुआ जल संरक्षण अभियान "मोर गांव मोर पानी" में "जल ही जीवन है" जैसे प्रेरक ध्येय वाक्यों के साथ पूरे उत्साह से संपन्न हुआ। नाले में बोरी बंधान कार्य से न केवल बहते पानी को रोका गया, बल्कि जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया गया।

ग्रामीणों की भागीदारी और अधिकारियों का समर्पण यह साबित करता है कि जल संरक्षण और पर्यावरण रक्षा में सामूहिक प्रयास कितने महत्वपूर्ण हैं। यह पहल न केवल आज की जरूरत है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्थायी जीवनशैली की ओर बढ़ने का मार्ग भी प्रशस्त करती है।

इस अभियान में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित राम पैकरा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सौभाग्यवती खुसरो सहित जिले के अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी के साथ ग्रामीण भी शामिल हुए। सभी ने नाला में श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया।

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