नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट 

कोरिया चरचा कॉलरी.......

नगर पालिका शिवपुर-चरचा के अध्यक्ष पद के उपचुनाव को लेकर पिछले  कई महीनों से चल रही राजनीतिक अटकलों और चर्चाओं पर अब विराम लगता दिखाई दे रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 8 मई 2026 को जारी पत्र में प्रदेश की अन्य नगर पालिकाओं एवं निकायों में होने वाले चुनावों की तिथियों का उल्लेख किया गया है, किंतु नगर पालिका शिवपुर-चरचा के अध्यक्ष पद के उपचुनाव का कहीं भी उल्लेख नहीं होने से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि नगर पालिका शिवपुर-चरचा में पूर्व अध्यक्ष श्रीमती लालमुनि यादव को अविश्वास प्रस्ताव से हटाने के बाद अरुण जायसवाल को शासन द्वारा प्रभारी अध्यक्ष मनोनीत किया गया जो अभी तक अध्यक्ष पद पर काबिज है इस अवधि में निर्वाचन आयोग के द्वारा पुनः विश्वास मत लाने की प्रक्रिया नहीं बनाई गई वर्तमान में अब जब निकाय कार्यकाल के पूरा होने में मात्र 6 महीने की अवधि बची हुई है तब राजनीतिक दलों को निकाय चुनाव नजर आने लगा और दिखावे के लिए अपनी सक्रियता और उपस्थिति दिखाने के लिए सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के कतिपय दिग्गज नेताओं द्वारा उपचुनाव कराने को लेकर जोर-आजमाइश की जा रही थी। राजनीतिक समीकरण साधने के प्रयास भी तेज थे, किंतु निर्वाचन आयोग के ताजा पत्र ने इन तमाम अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है। अब यह संभावना प्रबल हो गई है कि नगर पालिका शिवपुर-चरचा का चुनाव सीधे नवंबर-दिसंबर 2026 में प्रस्तावित सामान्य निकाय चुनाव के साथ ही कराया जाएगा।

वर्तमान में नगर पालिका शिवपुर-चरचा के प्रभारी अध्यक्ष के रूप में अरुण जायसवाल कार्यभार संभाल रहे हैं। उनके कार्यकाल में नगर क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों को गति मिलने से उनकी राजनीतिक सक्रियता और लोकप्रियता दोनों बढ़ी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही वजह है कि संभावित दावेदारों में बेचैनी बढ़ती जा रही है।

ज्ञात हो कि मार्च 2026 में निर्वाचन आयोग द्वारा अध्यक्ष पद के उपचुनाव हेतु व्यापक तैयारियां करने संबंधी पत्र जारी किया गया था, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन एवं निर्वाचन शाखा ने आवश्यक तैयारियां भी प्रारंभ कर दी थीं। इसी बीच पालिका क्षेत्र के व्यापारिक, सामाजिक एवं श्रमिक संगठनों, पार्षदों, वरिष्ठ नागरिकों तथा समाजसेवी संस्थाओं ने यह मांग उठाई कि एक ही वर्ष में मात्र 5-6 महीने के अंतराल में दो बार चुनाव कराना जनहित, प्रशासनिक व्यवस्था और आर्थिक दृष्टि से उचित नहीं होगा।

इसी मांग को लेकर “चरचा बचाव मंच” सहित विभिन्न संगठनों द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, शासन एवं संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि जून 2026 में प्रस्तावित उपचुनाव को स्थगित कर नवंबर-दिसंबर 2026 में होने वाले सामान्य निकाय चुनाव के साथ ही चुनाव संपन्न कराया जाए, जिससे शासन के वित्तीय संसाधनों की बचत हो, प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों तथा आम नागरिकों एवं व्यापारियों को बार-बार आदर्श आचार संहिता से होने वाली असुविधा से राहत मिल सके।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया था कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्य बाधित होंगे तथा स्थानीय प्रशासन एवं कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। बताया जाता है कि शासन एवं निर्वाचन आयोग ने इन मांगों को गंभीरता से लिया।

इसके अतिरिक्त नगर पालिका चुनाव से संबंधित दो याचिकाएं माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में भी लंबित हैं। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने निर्धारित समयसीमा में चुनाव न कराने को लेकर निर्वाचन आयोग के प्रति नाराजगी भी व्यक्त की थी, जिसके बाद मामले ने और अधिक राजनीतिक महत्व प्राप्त कर लिया था।

प्रभारी अध्यक्ष अरुण जायसवाल ने कहा कि नगर पालिका शिवपुर-चरचा की जनता विकास चाहती है, अनावश्यक राजनीति नहीं। पिछले कुछ समय से कुछ राजनीतिक लोग केवल कुर्सी की राजनीति कर क्षेत्र का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन जनता और शासन दोनों ने जनहित को सर्वोपरि रखा है। मात्र कुछ महीनों के अंतराल में दो-दो चुनाव कराना जनता के धन और प्रशासनिक संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी होती।हमारा पूरा ध्यान नगर के विकास, सड़क, पानी, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर है। लगातार हो रहे विकास कार्यों और जनता के बढ़ते समर्थन से कुछ लोग परेशान हैं और राजनीतिक रूप से बौखला गए हैं।मैं क्षेत्रवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि जब तक मुझे जिम्मेदारी मिली है, तब तक पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ नगर हित में कार्य करता रहूंगा। शिवपुर-चरचा का विकास ही मेरी प्राथमिकता है, राजनीति नहीं।”

वहीं नगर पालिका शिवपुर-चरचा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी वशिष्ठ ओझा ने स्पष्ट किया कि —

“8 मई 2026 को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्र में नगर पालिका शिवपुर-चरचा में किसी भी प्रकार के चुनाव का उल्लेख नहीं है। आगे जैसा भी निर्देश प्राप्त होगा, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”

निर्वाचन आयोग के ताजा रुख के बाद अब शिवपुर-चरचा की राजनीति में नया समीकरण बनता दिखाई दे रहा है। उपचुनाव की संभावनाएं फिलहाल धूमिल पड़ गई हैं, जबकि आगामी सामान्य निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों ने अंदरखाने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। आने वाले महीनों में नगर की राजनीति और भी गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं।