कोरिया बैकुंठपुर। कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड अंतर्गत ग्राम सालगवा नटवाही रामगढ़ निवासी 101 वर्षीय गुलाबचंद का विशेष साक्षात्कार बाल्मिक दुबे द्वारा लिया गया। इस दौरान गुलाबचंद ने अपने जीवन के अनुभवों, क्षेत्र की पुरानी परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था, खेती-किसानी, लोक संस्कृति तथा ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ी अनेक रोचक जानकारियां साझा कीं। उनके अनुभवों ने उपस्थित लोगों को अतीत की जीवंत तस्वीर से परिचित कराया।
साक्षात्कार के दौरान यह बात प्रमुख रूप से सामने आई कि गांवों में रहने वाले बुजुर्गों के पास क्षेत्रीय इतिहास, पर्यटन स्थलों, लोककथाओं, प्राकृतिक संसाधनों और सामाजिक जीवन से जुड़ी ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां हैं, जो पुस्तकों और इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। यदि समय रहते इन अनुभवों और जानकारियों को संरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियां अपने वास्तविक इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से वंचित हो सकती हैं।
बाल्मिक दुबे ने कहा कि आज के समय में लोग बिना सत्यापन के इंटरनेट और “ गूगल ” पर अत्यधिक निर्भर होते जा रहे हैं। कई बार लोग दूसरों की नकल कर जानकारी प्रस्तुत करते हैं, जिससे वास्तविक तथ्यों का महत्व कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय बुजुर्गों के अनुभवों को संकलित करना और संरक्षित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इससे नई पीढ़ी को सही और यथार्थ जानकारी प्राप्त होगी तथा वे आत्मनिर्भर सोच विकसित कर सकेंगे।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी बुजुर्गों के अनुभवों को रिकॉर्ड करने और क्षेत्रीय इतिहास को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में “जय गौ माता, जय भारत माता” के उद्घोष के साथ बुजुर्गों के सम्मान और सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश दिया गया।

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